Kedarnath Heli Seva: सक्रिय हुए साइबर ठग, हेली टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े से बचने के लिए एडवाइजरी जारी
केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पहले ही हेलीकॉप्टर बुकिंग को लेकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं के लिए नई चिंता खड़ी हो गई है। जिला प्रशासन ने इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ठग आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं को निशाना बना रहे हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पॉन्सर्ड पोस्ट के जरिए नकली वेबसाइटों का प्रचार किया जा रहा है। ये वेबसाइटें बिल्कुल असली जैसी दिखती हैं, जिससे आम लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं। इसके अलावा गूगल सर्च में दिखाई देने वाले कई स्पॉन्सर्ड लिंक भी फर्जी पाए गए हैं, जो यूजर्स को धोखाधड़ी वाली साइट्स पर ले जाते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष भी इस तरह के कई मामले सामने आए थे, जिनमें श्रद्धालुओं से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की ठगी की गई थी। इस बार भी ठग उसी तरीके को और अधिक उन्नत रूप में अपना रहे हैं। साइबर अपराधी व्हाट्सएप कॉल या चैट के माध्यम से लोगों से संपर्क करते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि वे आधिकारिक एजेंट हैं जो हेलीकॉप्टर टिकट बुक करा सकते हैं।
इसके बाद ठग क्यूआर कोड भेजकर तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि जैसे ही भुगतान किया जाता है, ठग संपर्क तोड़ देते हैं और पीड़ित को कोई टिकट नहीं मिलता। इसके अलावा, पवन हंस और हिमालयन जैसी हेली सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटें भी बनाई गई हैं, जिनसे लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।
प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि श्रद्धालु केवल आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से ही हेलीकॉप्टर टिकट बुक करें। किसी भी अनजान लिंक, सोशल मीडिया विज्ञापन या व्हाट्सएप संदेश पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति कॉल या मैसेज के जरिए टिकट बुकिंग का दावा करता है, तो उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
इसके साथ ही साइबर पुलिस भी सक्रिय हो गई है और ऐसे फर्जी लिंक व वेबसाइटों को ट्रैक कर कार्रवाई की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दें।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है, ताकि लोग ठगी से बच सकें। केदारनाथ यात्रा आस्था का विषय है, ऐसे में जरूरी है कि श्रद्धालु सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के लालच या जल्दबाजी में आकर गलत कदम न उठाएं।




