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DRDO वैज्ञानिक पर हमले के आरोपी बिल्डर के खिलाफ गुंडा एक्ट में मुकदमा दर्ज, हो सकता है तड़ीपार

देहरादून के विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर डीआरडीओ के वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा के साथ मारपीट करने सहित अनेक मुकदमे दर्ज हैं

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक वैज्ञानिक पर हमला करने के आरोपी बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर गुंडा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. बिल्डर से 7 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है. पुनीत अग्रवाल को देहरादून से जिला बदर किए जाने की भी संभावना है.

वैज्ञानिक के साथ मारपीट करने के आरोपी बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई शुरू: एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने हिंसा तथा खुलेआम लोगों को प्रताड़ित करने की घटनाओं में बिल्डर पुनीत अग्रवाल की संलिप्तता का स्वतः संज्ञान लिया है और कार्रवाई शुरू की है.

आरोपी बिल्डर को जवाब देने के लिए 7 दिन का समय: बयान के अनुसार सहस्रधारा रोड पर एटीएस कॉलोनी के निवासी बिल्डर को अपना जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया गया है. ऐसा करने में विफल रहने पर उसे औपचारिक रूप से जिला बदर (देहरादून जिले में प्रवेश पर पाबंदी) करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

बिल्डर ने डीआरडीओ वैज्ञानिक के साथ मारपीट की थी: बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ यह कार्रवाई हाल में हुई एक घटना के बाद की गई है, जिसमें पुनीत अग्रवाल पर डीआरडीओ के वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा पर हमला करने का आरोप है. इस हमले में वैज्ञानिक बुरी तरह घायल हो गए. बताया जा रहा है कि उनके एक कान का पर्दा फट गया.

मामूली विवाद में वैज्ञानिक को पीटा था: घटनाक्रम के अनुसार नगर निगम की भूमि पर अवैध निर्माण के दौरान मलबा वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा के के मकान में गिर रहा था. इसका विरोध करने पर पुनीत अग्रवाल ने शर्मा से कथित रूप से अनिरुद्ध शर्मा के साथ मारपीट की. फलस्वरूप अनिरुद्ध शर्मा के कान में गंभीर चोटें आयीं.

बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ 5 मुकदमे दर्ज हैं: अग्रवाल पर वर्तमान मे भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत पांच प्राथमिकी दर्ज हैं. इनमें धाराएं 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी देना), 74 (गरिमा पर हमला करना) और 126(2) (गलत तरीके से रोकना) शामिल हैं.

नाबालिगों को पिस्टल से डराने पर शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त हो चुका है: विज्ञप्ति में कहा गया है कि दीवाली समारोह के दौरान नाबालिगों पर पिस्तौल लहराने के आरोप में जिलाधिकारी ने पहले ही अग्रवाल का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया था.

बिल्डर पुनीत अग्रवाल का अतीत विवादित रहा है: यह भी बताया गया है कि बिल्डर के खिलाफ अन्य आरोपों में लोगों को अपने वाहन से टक्कर मारने का प्रयास करना, एटीएस कॉलोनी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की बैठकों के दौरान अपशब्दों का प्रयोग करना और जाली दस्तावेजों के माध्यम से एक विधवा की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करना शामिल है.

5 मई को है सुनवाई: जिला प्रशासन के अनुसार, रायपुर पुलिस को नोटिस तामील करवाने और पांच मई को सुनवाई से पहले उसका अनुपालन दर्ज करवाने के निर्देश किए हैं. बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एटीएस कॉलोनी के लोगों ने शनिवार को धरना प्रदर्शन भी किया था.
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