सड़क पर नमाज पढ़ने पर सीएम धामी का बड़ा बयान,कहा- चिन्हित स्थलों पर ही अदा हो नमाज

सीएम पुष्कर सिंह धामी के सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने वाले बयान के बाद प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है.![]()
हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून व्यवस्था, चारधाम यात्रा और जन सुविधाओं को लेकर चर्चा की. इस दौरान खुले में नमाज पढ़ने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नमाज पढ़ने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है, लेकिन यह केवल चिन्हित स्थलों पर ही होनी चाहिए, ताकि आम लोगों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. वहीं इस मुद्दे पर प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है और तमाम दल आगे आकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले की विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक की. बैठक में कानून व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, चारधाम यात्रा और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने खुले में नमाज पढ़ने के मुद्दे पर भी अपना पक्ष रखा.
उन्होंने कहा कि नमाज पढ़ने की किसी को मनाही नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि नमाज केवल तय और चिन्हित स्थलों पर ही अदा की जाए. सीएम धामी ने कहा कि किसी भी धार्मिक गतिविधि से सड़क, यातायात या आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए.उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में चारधाम यात्रा चल रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं. ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि यात्रा मार्गों पर व्यवस्था सुचारु बनी रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड आने वाला हर श्रद्धालु बेहतर अनुभव लेकर वापस लौटे.
बता दें कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने वाले बयान के बाद सूबे में सियासी पारा चढ़ गया है. इस मुद्दे पर राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.



