उत्तरकाशी: कालिंदी खाल में फंसे सभी 19 ट्रेकर्स का सफलतापूर्वक रेस्क्यू, बाकी के लिए बचाव अभियान जारी

माउंट जॉगिंग क्षेत्र की रेकी का कार्य शुरू, एसडीआरएफ के दो जवान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का जायजा लेने रवाना
उत्तरकाशी (उत्तराखंड): जनपद के उच्च हिमालय क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बीच फंसे ट्रेकर्स और हेल्परों को सुरक्षित निकालने के लिए मंगलवार को एक बार फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम की चुनौती के बीच एसडीआरएफ समेत विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों की टीमें अभियान में जुटी हैं. मंगलवार को बचाव दल ने चार और लोगों को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया है. इसके साथ ही कालिंदी खाल क्षेत्र से अब सभी 19 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.
कॉलिंदी खाल में फंसे सभी 19 ट्रेकर्स का रेस्क्यू: जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग पर गए कई ट्रेकर्स और उनके साथ मौजूद हेल्पर अलग-अलग क्षेत्रों में फंस गए थे. कालिंदी खाल ट्रेक में भी बड़ी संख्या में ट्रेकर्स के फंसे होने की सूचना के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया था. प्रशासन के अनुसार, कालिंदी खाल क्षेत्र में फंसे लोगों को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है. मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रेस्क्यू टीमों को बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.
सोमवार को दिन भर रेस्क्यू अभियान चला. मंगलवार सुबह से ही रेस्क्यू टीमों ने अभियान को गति दी. बचाव कार्य में एसडीआरएफ के जवानों के साथ अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें भी सहयोग कर रही हैं. अभियान के दौरान आज मंगलवार को चार व्यक्तियों को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया. यहां से उन्हें आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था की गई है. इस तरह खालिंदी खाल में फंसे सभी 19 टेकर्स रेस्क्यू कर लिए गए हैं.
हेलीपैड पर बनी रणनीति, समन्वय के बाद शुरू हुआ अभियान: हर्षिल हेलीपैड पर अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा की मौजूदगी में रेस्क्यू अभियान में लगे सभी संबंधित कार्मिकों और हेलीकॉप्टर के पायलट के साथ आवश्यक समन्वय किया गया. उच्च हिमालयी क्षेत्र की परिस्थितियों, मौसम, भौगोलिक स्थिति और सुरक्षित निकासी के विकल्पों पर चर्चा के बाद रेस्क्यू की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई. इसके बाद सभी टीमों ने आपसी समन्वय के साथ निर्धारित योजना के अनुसार अभियान शुरू किया.
अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा का कहना है कि-
उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम तेजी से बदल रहा है. ऐसे में बचाव दल के लिए सुरक्षित मार्ग का चयन सबसे महत्वपूर्ण है. इसी को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू टीमों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है.
-मुक्ता मिश्रा, अपर जिलाधिकारी-
माउंट जॉगिंग क्षेत्र की रेकी के लिए दो जवान रवाना: रेस्क्यू अभियान के साथ ही माउंट जॉगिंग क्षेत्र की रेकी का कार्य भी शुरू किया गया है. एसडीआरएफ के दो जवानों को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का जायजा लेने और सुरक्षित मार्ग तलाशने के लिए रवाना किया गया है. टीम क्षेत्र में बर्फ की स्थिति, संभावित रास्तों और रेस्क्यू के लिए उपयुक्त मार्ग का आकलन कर रही है. रेकी टीम से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की रेस्क्यू रणनीति तय की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि फंसे हुए सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता है. इसके लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी रहेगा.
उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण चुनौती: उच्च हिमालय में भारी बर्फबारी हो रही है. इस कारण रेस्क्यू अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं. बावजूद इसके एसडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियों के जवान लगातार अभियान में जुटे हुए हैं. प्रशासन की ओर से सभी संबंधित टीमों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके.
सोमवार को ऑडेन कोल पास से 29 ट्रेकर्स का रेस्क्यू हुआ था: इससे पहले सोमवार को उत्तरकाशी के ऑडेन कोल पास में सभी 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित हर्षिल पहुंचा दिया गया था. रेस्क्यू के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. सभी ट्रेकर्स का स्वास्थ्य सामान्य पाए गए. प्राथमिक उपचार के पश्चात सभी ट्रेकर्स अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए. इसके बाद कालिंदी पास क्षेत्र में हेली रेस्क्यू अभियान चलाया गया था.


