पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी, पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दुख की इस घड़ी में राष्ट्रीय एकता का भरोसा दिलाया.
नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की आज पहली बरसी है. पिछले साल आज के दिन पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर पहचान करके 26 बेकसूर पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. आतंकियों की इस क्रूर हरकत ने देश को झकझोर कर रख दिया था. दुनिया भर के नेताओं ने इस बर्बरता की कड़ी निंदा की. बाद में भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर अभियान चलाकर करारा जवाब दिया.
आज इस पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने पीड़ितों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को याद किया. इस नृशंस हत्याकांड की पहली बरसी पर उन्होंने कहा कि भारत किसी भी तरह के आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा. उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दुख की इस घड़ी में राष्ट्रीय एकता का भरोसा दिलाया.
साथ ही, उन्होंने यह दृढ़ संकल्प दोहराया कि भारत न तो आतंकवाद के आगे झुकेगा और न ही आतंकवादियों के मंसूबों को कभी सफल होने देगा. हाल के वर्षों में नागरिकों को निशाना बनाने वाली यह सबसे क्रूर घटनाओं में से एक थी.
एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले साल इसी दिन पहलगाम के नृशंस आतंकी हमले में जान गंवाने वाले बेकसूर लोगों को याद कर रहा हूँ. उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा. मेरी संवेदनाएँ उन पीड़ित परिवारों के साथ हैं जो इस दुख की घड़ी का सामना कर रहे हैं.’
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘एक राष्ट्र के तौर पर, हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं. भारत किसी भी तरह के आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे.’ इससे पहले दिन में भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि राष्ट्र के खिलाफ किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब दिया जाएगा.
एक्स पर एक पोस्ट में सेना ने कहा, ‘भारत के खिलाफ किए गए कृत्यों का जवाब निश्चित है. न्याय जरूर मिलेगा. हमेशा.’ सेना ने ‘ऑपरेशन महादेव’ को दर्शाती एक तस्वीर भी साझा की, जिस पर लाल रंग में टैगलाइन लिखी थी, ‘यह तो बस समय की बात थी.’ यह टैगलाइन हमले में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए चलाए गए सघन अभियान और उन्हें मार गिराने की कार्रवाई की ओर इशारा करती है.
‘ऑपरेशन महादेव’ 22 अप्रैल को हुए हमले के तुरंत बाद शुरू किया गया था. इसमें दाचीगाम/महादेव रिज के पास मुश्किल हिमालयी इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसका नतीजा यह हुआ कि तीन मुख्य अपराधियों को मार गिराया गया. भारतीय सेना ने 93 दिनों तक 300 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा के खतरनाक इलाके की छानबीन की और आखिरकार आतंकवादियों को ढेर कर दिया.
इस घटना की बरसी से एक दिन पहले, भारतीय सेना ने न्याय के प्रति अपनी पक्की प्रतिबद्धता दोहराई और एक कड़ी चेतावनी जारी की कि ‘इंसानियत की सीमाओं’ का कोई भी उल्लंघन होने पर उसका निर्णायक जवाब दिया जाएगा.
अपने एक्स हैंडल पर एक कड़े शब्दों वाले पोस्ट में भारतीय सेना ने कहा, ‘जब इंसानियत की सीमाएँ लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है. न्याय मिलता है. भारत एकजुट है.’ इस पोस्ट के साथ एक विज़ुअल संदेश भी था जिसमें लिखा था, ‘कुछ सीमाएँ कभी नहीं लांघी जानी चाहिए.’
इसमें भारत का एक नक्शा दिखाया गया था जिस पर लाल ‘सिंदूर’ पाउडर का निशान था, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादियों के खिलाफ सेना की निर्णायक कार्रवाई का प्रतीक था. इस तस्वीर में यह संदेश भी था, ‘भारत भूलता नहीं है,’ जो देश के संकल्प और एकता को रेखांकित करता है.
पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल, 2025 को हुआ था, जब पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए एक क्रूर नरसंहार में 26 लोग मारे गए थे। यह हमला ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने किया था, जो पाकिस्तान स्थित ‘लश्कर-ए-तैयबा’ का ही एक हिस्सा है. हमलावरों ने पीड़ितों से उनके धर्म के बारे में पूछकर उन्हें अलग किया, और गैर-मुसलमानों की पहचान करने के लिए उन्हें इस्लामी ‘कलमा’ पढ़ने के लिए मजबूर किया.
मारे गए लोगों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू-चालक शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी। कई पीड़ित नवविवाहित थे, और कई लोगों को उनके परिवारों के सामने ही बहुत करीब से गोली मार दी गई थी. इस हमले के जवाब में, भारतीय सेना ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,’22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद करते हुए, मैं उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ. हम उनके प्रियजनों और परिवारों के गहरे दुख में उनके साथ हैं. हम अपने राष्ट्र को दिए गए उन जख्मों को कभी नहीं भूलेंगे.
भारत ने दशकों तक सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज हमारी प्रतिक्रिया दृढ़, निर्णायक और अडिग है. अपने दृढ़ कार्यों के माध्यम से हमने यह साबित कर दिया है कि हमारे लोगों को नुकसान पहुँचाने या हमारी एकता को भंग करने के किसी भी प्रयास का जवाब पूरी शक्ति और स्पष्टता के साथ दिया जाएगा.
अमित शाह ने पीड़ितों को याद किया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,’आज के दिन, हम पिछले साल हुए भयानक पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले उन बेकसूर लोगों को पूरी गंभीरता और सम्मान के साथ याद करते हैं. अपने लोगों को खोने का दुख और दर्द आज भी हर भारतीय के दिल में बसा हुआ है. आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है, जिसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना होगा और उसे हराना होगा. भारत आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों के खिलाफ अपनी ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति जारी रखेगा.




