Newsbeatखबर हटकरट्रेंडिंग खबरेंताज़ा ख़बरेंन्यूज़सोशल मीडिया वायरल

अमेरिकी खुफिया विभाग की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने पद से दिया इस्तीफा, बताई यह बड़ी वजह

तुलसी गबार्ड का इस्तीफा 30 जून से लागू होगा. उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को इसकी जानकारी दे दी है.

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टॉप इंटेलिजेंस ऑफिसर तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार को अपने पद नेशनल इंटेलिजेंस (DNI) के डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है. जानकारी के मुताबिक तुलसी गबार्ड ने अपने पति अब्राहम विलियम्स को सपोर्ट करने के लिए यह फैसला लिया है.

बता दें, विलियम्स को एक रेयर तरह के बोन कैंसर की बीमारी का पता चला है. फॉक्स न्यूज़ डिजिटल ने इस रिपोर्ट की पुष्टि की है. रिपोर्ट के अनुसार, गबार्ड ने ओवल ऑफिस में एक मीटिंग के दौरान ट्रंप को अपने फैसले के बारे में जानकारी दी. उनका इस्तीफा 30 जून से लागू होगा. उन्होंने आगे कहा कि इस समय, मुझे पब्लिक सर्विस से दूर होकर अपने पति के साथ रहना होगा और इस लड़ाई में उनका पूरा साथ देना है.

गबार्ड ने पिछले डेढ़ साल में नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर के ऑफिस को लीड करने का मौका देने के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया और कहा कि वह ऑफिस छोड़ने से पहले यह पक्का करेंगी कि बदलाव आसानी से हो जाए. उन्होंने लिखा कि हमारे परिवार के लिए इस बहुत ही निजी और मुश्किल समय में आपकी समझ के लिए धन्यवाद. नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर (DNI) के तौर पर अपने समय के दौरान, गबार्ड ने इंटेलिजेंस कम्युनिटी को फिर से बनाने की कोशिशें कीं, जिसमें एजेंसी का साइज कम करना और इंटेलिजेंस सिस्टम के अंदर डाइवर्सिटी, इक्विटी और इनक्लूजन (DEI) प्रोग्राम को खत्म करना शामिल था.

गबार्ड ने ट्रंप-रूस जांच और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी और सीनेटर रॉबर्ट एफ कैनेडी की हत्याओं जैसे मामलों से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड के पांच लाख से ज़्यादा पन्नों को डीक्लासिफाई करने का काम भी देखा. अमेरिकी मीडिया के अनुसार गबार्ड ने बाइडेन प्रशासन के दौरान सरकारी संस्थानों के कथित दुरुपयोग के संबंध में संघीय एजेंसियों के बीच प्रयासों को समन्वयित करने के लिए एक ‘वेपनाइजेशन वर्किंग ग्रुप’ भी स्थापित किया था.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि गबार्ड की लीडरशिप में, नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर ने 2025 में नार्को-टेररिज्म से कथित तौर पर जुड़े 10,000 से ज्यादा लोगों को अमेरिका में आने से रोका और ऐसे 85,000 से ज्यादा लोगों को आतंकवाद निगरानी लिस्ट में जोड़ा.

Related Articles

Back to top button