कांग्रेस से निष्कासित नेताओं के तेवर उग्र, कार्रवाई को एकतरफा बताया, दिल्ली दरबार में रखेंगे अपनी बात

अनुशासनहीनता के आरोप में कांग्रेस ने पिथौरागढ़ कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया है
पिथौरागढ़: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते जिले के तीन कांग्रेसी नेताओं को बाहर का रास्ता तो दिखा दिया है, लेकिन ये विवाद जल्दी ठंडा होने वाला नहीं लग रहा है. पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किए गए तीनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन पर की गई कार्रवाई को गलत और एकतरफा बताया है. अब इन नेताओं ने पार्टी हाईकमान और पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा से मिलकर अपनी व्यथा बताने का फैसला लिया है.
कांग्रेस से निष्कासित नेताओं के तेवर उग्र: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यक्रम में अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किए गए कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए विधायक मयूख महर पर भी कार्रवाई की मांग की है. निष्कासित नेताओं ने कहा कि वे दिल्ली जाकर हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखेंगे. निष्कासित तीनों नेताओं ने प्रेस वार्ता कर अपनी बात रखी है.
निष्कासन को एकतरफा कार्रवाई बताया: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री महेंद्र सिंह लुंठी ने कहा कि-
पार्टी ने न्याय नहीं किया, बल्कि एकतरफा कार्रवाई की है. यदि कार्रवाई होनी थी, तो मंच पर विधायक भी बैठे थे, वह भी मंच से उठकर गए. उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए थी. प्रदेश अध्यक्ष से पूछने पर उन्हें गोलमोल जवाब मिला. अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष नव प्रभात के सामने भी हमारा पक्ष नहीं रखा गया. अब प्रदेश प्रभारी शैलजा से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे.
-महेंद्र सिंह लुंठी, कांग्रेस से निष्कासित नेता-
दिल्ली तक ले जाएंगे अपनी लड़ाई: महेंद्र लुंठी ने बिना नाम लिए विधायक पर आरोप लगाया कि नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि स्वागत बैठक में मौजूद लोगों पर कार्रवाई कर दी गई. उन्होंने कहा कि वह राज्य आंदोलनकारी और छात्र नेता रहे हैं. लड़ाइयां लड़ी हैं. इस लड़ाई को भी दिल्ली तक लेकर जाएंगे.
निष्कासन मान्य नहीं: महिला मोर्चा अध्यक्ष भावना नगरकोटी ने कहा कि-
मुझे जिलाध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया से तथाकथित नोटिस मिला, जो मुझे मान्य नहीं है. उस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा के हस्ताक्षर भी नहीं हैं. मुझ पर अनुशासनहीनता का आरोप गलत है. मैं निकाय चुनावों में विधायक द्वारा की गई बगावत की बात प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखना चाहती थीं. जिलाध्यक्ष ने भी सबसे पहले मुझे बोलने के लिए मंच पर बुलाया, पर बोलने नहीं दिया गया. ये पूरा षडयंत्र के तहत हुआ है. अब अपनी बात दिल्ली में पार्टी हाईकमान के सामने रखूंगी.
-भावना नागरकोटी, कांग्रेस से निष्कासित नेता-
क्या विधायक से डर रहा है पार्टी हाईकमान: पीसीसी सदस्य दीपक लुंठी ने कहा कि-
जो विधायक चार साल तक कहते रहे कि उन्हें पार्टी से लेना-देना नहीं है, वे अचानक मंच पर पहुंच गए. महिला अध्यक्ष को बात नहीं रखने दी गई. पूर्व में राहुल गांधी की अल्मोड़ा रैली में विधायक नहीं गए और निकाय चुनावों में निर्दलीयों का समर्थन किया. हम लोगों पर एकतरफा कार्रवाई की गई है.
-दीपक लुंठी, कांग्रेस से निष्कासित नेता-
दीपक लुंठी ने सवाल उठाया कि “हाईकमान क्या विधायक से डर रहा है?” उन्होंने कहा कि विधायक पर कार्रवाई होनी चाहिए और अब हिटलरशाही नहीं चलेगी. उधर कांग्रेस के इस निष्कासन को भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में अपने आप को मजबूती के रूप में दिखा रही है.



