सऊदी अरब ने फ्लाईदुबई के को-पायलट को UAE को सौंपा, जांच हुई तेज

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, तभी कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छर पर को-पायलट ने हमला बोला दिया.
वॉशिंगटन: सऊदी अरब ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के ओमानी पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को सौंप दिया है. बता दें, ओमानी को-पायलट ने उड़ान के समय कॉकपिट में उस समय मौजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया था. उसका प्लान विमान को क्रैश कराने का था. फ्लाई दुबई की यह फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उसी समय यह वारदात हुई. किसी तरह विमान को सऊदी अरब के शहर तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी.
ओमानी को-पायलट को उस समय सौंप गया, जब जांचकर्ता इजराइल जा रहे कमर्शियल एयरलाइनर में हवा में हुए डरावने हमले के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, कैप्टन पर चाकू से हमला होने के बाद विमान हजारों फीट नीचे आ गया, जिसके बाद यात्रियों ने संदिग्ध को काबू में किया. इसके बाद विमान में मौजूद दूसरे पायलटों ने विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया.
हादसे के समय विमान में सवार सभी 174 लोग इस भयानक घटना से सुरक्षित बच गए. वहीं, यूएई (UAE) के अधिकारी इस घटना की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या हवा में हुए इस हमले का संबंध आतंकवाद से था. फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आज सुबह दिए गए उस बयान के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर फ्लाईदुबई का को-पायलट ईरान से जुड़ा हुआ है, हालांकि अधिकारी अभी भी इस मामले की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं.
मरीन वन में सवार होते समय फॉक्स न्यूज के एक रिपोर्टर से बात करते हुए, ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें को-पायलट के ईरान से संभावित कनेक्शन के बारे में जानकारी दी गई थी. ट्रंप ने कहा कि जो कुछ मैं सुन रहा हूं, उसके आधार पर मैं कहूंगा कि इसका जवाब ‘हां है, लेकिन हम अभी इस पर काम कर रहे हैं. जब खास तौर पर यह पूछा गया कि क्या ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उस को-पायलट को वहां तैनात किया था या वह व्यक्ति किसी और तरीके से कट्टरपंथी बन गया था, तो फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि ऐसा हो सकता है.
उनके ये बयान इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उस टिप्पणी के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अभी यह पक्के तौर पर कहना जल्दबाजी होगी कि को-पायलट का ईरान से कोई संबंध था या नहीं. वहीं, सऊदी गृह मंत्रालय की शुरुआती जांच में पता चला है कि को-पायलट ने अपने पायलट साथी पर हमला किया था. यूएई ने भी जांच शुरू कर दी है. वहीं, भारत के राजदूत ने घायल कैप्टन स्मित मच्छर से अस्पताल में मुलाकात की.
इससे पहले, इजराइली विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मिकाल मायान ने को-पायलट की ‘इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने’ के बारे में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों से जुड़े सवालों का जवाब दिया. उन्होंने पुष्टि की कि जांचकर्ता वैचारिक कारणों, संभावित साथियों और पहले से की गई योजना की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं, हालांकि जांच अभी शुरुआती चरण में है. इससे पहले, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ओमान के पायलट की इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने की बात कही, और यह निश्चित रूप से एक ऐसा पहलू है जिसकी हम जांच कर रहे हैं.
हालांकि, अभी भी सभी संभावनाएं खुली हैं और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. दुर्भाग्य से, कई सालों से इजराइली और यहूदी ठिकानों पर आतंकवादी हमलों का इतिहास रहा है, इसलिए हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि असल में क्या हुआ था. यह मामला अभी शुरुआती चरण में है. मायान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बताया है कि जांच से हमें कुछ जानकारी मिली है, लेकिन अभी मेरे पास ऐसी कोई और जानकारी नहीं है जिसे मैं आपके साथ साझा कर सकूं.
इससे पहले दिन में, नेतन्याहू ने पुष्टि की कि फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट को कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा की शिक्षा दी गई थी. मीडिया से बात करते हुए, इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि पायलट से अभी पूछताछ की जा रही है. इजराइली जांचकर्ता भी इस पूछताछ में शामिल हो गए हैं. इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि हमलावर, यानी वह को-पायलट जिसने कैप्टन पर हमला किया था, उससे अब पूछताछ की जा रही है. अब तक हमें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक उसे इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा की शिक्षा दी गई थी.




